चांडिल | सरायकेला-खरसावां: झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। घोड़ानेगी डैम कॉलोनी में एक मां ने अपनी ही 4 साल की बेटी की गला घोंटकर हत्या कर दी और बाद में सच्चाई छुपाने के लिए बच्चा चोरी की अफवाह फैला दी।
जानकारी के अनुसार, आरोपी महिला लक्ष्मी लोहार (पति सोना राम लोहार) ने शोर मचाया कि उसकी बेटी को बच्चा चोर गिरोह उठा ले गया है। यह खबर तेजी से फैलते ही इलाके में दहशत और गुस्से का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए चांडिल थाना प्रभारी दिलशन बिरुआ अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने भीड़ को शांत कराया और पूरे मामले की बारीकी से जांच शुरू की। जांच के दौरान महिला ने पुलिस को गुमराह करने के लिए एक पड़ोसी पर आरोप लगाया, लेकिन उसके बयान में विरोधाभास मिलने पर पुलिस को शक हुआ।
तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के बाद सच्चाई सामने आई और पूरी कहानी खुल गई। बच्ची को इलाज के लिए एक स्थानीय क्लिनिक ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद आरोपी महिला फरार हो गई, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में महिला की मानसिक स्थिति को लेकर भी सवाल उठे हैं, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच कर रही है। बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
इस पूरे घटनाक्रम में थाना प्रभारी दिलशन बिरुआ की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई की सराहना की जा रही है। उनकी समझदारी से न केवल एक निर्दोष व्यक्ति को झूठे आरोप से बचाया गया, बल्कि बच्चा चोरी की अफवाह के कारण संभावित भीड़ हिंसा जैसी बड़ी घटना भी टल गई।
यह घटना एक बार फिर बताती है कि अफवाहें कितनी खतरनाक हो सकती हैं और बिना पुष्टि के किसी भी जानकारी पर विश्वास करना कितना जोखिम भरा है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

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