बहरागोड़ा में मिला द्वितीय विश्वयुद्ध का जिंदा बम, इलाके में हाई अलर्ट, सेना करेगी निष्क्रिय

जमशेदपुर/बहरागोड़ा: पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड में उस समय सनसनी फैल गई, जब सुवर्णरेखा नदी किनारे अवैध बालू उत्खनन के दौरान एक भारी-भरकम संदिग्ध वस्तु बरामद हुई। शुरुआत में ग्रामीणों ने इसे साधारण लोहे का टुकड़ा समझा, लेकिन आकार और बनावट ने जल्द ही सभी को चौंका दिया।

बताया जा रहा है कि बोरागाड़िया पंचायत के पानीपाड़ा–नागुडसाई घाट पर खुदाई के दौरान जमीन के नीचे किसी कठोर धातु से टकराने का अहसास हुआ। जब ग्रामीणों ने मिलकर उस स्थान की खुदाई की, तो एक विशालकाय लोहे की वस्तु बाहर निकली। देखते ही देखते मौके पर भीड़ जुट गई। कुछ लोग वीडियो बनाने लगे, तो कुछ जिज्ञासा में पास जाने लगे, जिसे बाद में पुलिस ने रोका।

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और इलाके को सुरक्षित घेराबंदी में ले लिया। रांची से पहुंची बम निरोधक दस्ता (BDDS) की टीम ने जांच के बाद पुष्टि की कि यह करीब 226–227 किलोग्राम वजनी द्वितीय विश्व युद्ध काल का जिंदा बम है। इस पर अमेरिकी मॉडल AN-M64 (500 पाउंड) के निशान पाए गए हैं, जो इसकी गंभीरता को और बढ़ाते हैं।

अधिकारियों के अनुसार, इतने बड़े और पुराने विस्फोटक को सामान्य तरीके से निष्क्रिय करना संभव नहीं है। इसके लिए विशेष तकनीकी कौशल और उपकरणों की आवश्यकता होती है, जो केवल भारतीय सेना के पास उपलब्ध हैं। इसी कारण प्रशासन ने सेना की विशेषज्ञ बम निरोधक इकाई को बुलाया है।

सुरक्षा के मद्देनजर बम मिलने वाले स्थान से करीब एक किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह सील कर दिया गया है। मौके पर चौकीदार तैनात किया गया है और लोगों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे उस क्षेत्र से दूर रहें। नदी के पार स्थित पश्चिम बंगाल प्रशासन भी सतर्क हो गया है और वहां भी निगरानी बढ़ा दी गई है।

गौरतलब है कि कुछ महीने पहले पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाके में भी इसी तरह का बम मिला था, जिसे बाद में एयरफोर्स की मदद से निष्क्रिय किया गया था। फिलहाल प्रशासन और पुलिस लगातार लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सुरक्षा नियमों का पालन करें।

सेना की टीम के पहुंचने के बाद बम को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया जाएगा, जिससे किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सके। इलाके में फिलहाल डर के साथ-साथ जिज्ञासा का माहौल बना हुआ है।

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