अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर नजर रखने वाले अमेरिकी आयोग यूएस कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम (USCIRF) की 2026 की वार्षिक रिपोर्ट में भारत को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर लक्षित प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है और अमेरिकी प्रशासन से इस मुद्दे पर विचार करने की अपील की है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े मामलों को लेकर भारत में हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। आयोग ने सुझाव दिया है कि यदि आवश्यक समझा जाए तो आरएसएस से जुड़े संगठनों और गतिविधियों पर कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। इन संभावित कदमों में संगठन से जुड़ी संपत्तियों पर कार्रवाई और उसके सदस्यों के अमेरिका में प्रवेश पर रोक लगाने जैसे उपाय शामिल हो सकते हैं।
USCIRF की रिपोर्ट में भारत को एक बार फिर ‘कंट्री ऑफ पार्टिकुलर कंसर्न’ (CPC) यानी ऐसे देशों की सूची में शामिल करने की सिफारिश की गई है, जहां धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर गंभीर चुनौतियां बताई गई हैं। आयोग का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता व्यक्त की जाती रही है और इसी वजह से भारत को इस श्रेणी में रखने का सुझाव दिया गया है।
यह उल्लेखनीय है कि USCIRF अमेरिका की एक स्वतंत्र सलाहकार संस्था है, जो दुनिया भर में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति पर अध्ययन कर अपनी सिफारिशें अमेरिकी सरकार को भेजती है। हालांकि इसकी रिपोर्ट और सुझाव कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं होते और अंतिम निर्णय अमेरिकी प्रशासन और कांग्रेस के स्तर पर लिया जाता है।
USCIRF की स्थापना वर्ष 1998 में अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता कानून के तहत की गई थी। आयोग में कुल नौ आयुक्त होते हैं, जिनकी नियुक्ति अमेरिकी राष्ट्रपति और कांग्रेस के नेताओं द्वारा की जाती है।
रिपोर्ट सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज होने की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी रिपोर्टें अक्सर वैश्विक मंचों पर राजनीतिक और कूटनीतिक बहस का विषय बन जाती हैं, जबकि अंतिम निर्णय संबंधित सरकारों के नीतिगत रुख पर निर्भर करता है।

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