रांची: झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने कई अहम घोषणाएँ की हैं। विधानसभा के बजट सत्र के दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बताया कि अब राज्य की सभी गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड मुफ्त कराया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान समय पर जांच सुनिश्चित करना और मातृ-शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है।
सरकार ने वर्ष 2029 तक झारखंड को थैलेसीमिया मुक्त बनाने का लक्ष्य भी तय किया है। इसके लिए राज्य के सभी जिलों में जांच की बेहतर व्यवस्था विकसित की जाएगी, ताकि बीमारी की समय रहते पहचान और इलाज संभव हो सके।
स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए राज्य में नए मेडिकल संस्थानों और सुविधाओं के विस्तार की भी योजना है। जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज, धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज और रांची के सदर अस्पताल में अत्याधुनिक कैथ लैब स्थापित की जाएगी, जिससे हृदय रोगियों को बेहतर इलाज मिल सकेगा। इसके साथ ही रांची के सदर अस्पताल में बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू करने की तैयारी भी चल रही है।
सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं में मानव संसाधन बढ़ाने की भी घोषणा की है। इसके तहत एएनएम और जीएनएम के करीब 7500 पदों पर नियुक्ति की जाएगी, जबकि अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों के संचालन के लिए लगभग 10,500 लोगों की बहाली की योजना है।
इसके अलावा हर पंचायत में उप स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए 42 हजार सहिया कार्यकर्ताओं को टैब उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और रिपोर्टिंग आसान हो सके।
आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए राज्य में लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम से लैस 237 हाईटेक एंबुलेंस भी खरीदी जाएंगी। इन कदमों से राज्य के लोगों को बेहतर और समय पर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने में बड़ी मदद मिलने की उम्मीद है।

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