झारखंड की लौहनगरी जमशेदपुर के साकची न्यू बाराद्वारी स्थित डॉ. डीके मिश्रा के ‘नेफ्रो-यूरोलॉजी एंड स्टोन सेंटर’ में पथरी का ऑपरेशन कराने आये एक मरीज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी। मृतक की पहचान पोटका प्रखंड के आसनबनी निवासी 50 वर्षीय पोरेस भगत के रूप में हुई है। घटना के बाद रविवार सुबह परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल में इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
मृतक के साले वीरेन भगत ने बताया कि पोरेस भगत को आयुष्मान भारत योजना के तहत किडनी स्टोन के ऑपरेशन के लिए गुरुवार (12 मार्च) को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार दोपहर 12 बजे से 2:30 बजे तक उनका ऑपरेशन चला। परिजनों के अनुसार शनिवार दोपहर भोजन के बाद पोरेस की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उनका पेट फूलने लगा और सांस लेने में भी तकलीफ होने लगी।
परिजनों ने डॉक्टरों से उन्हें दूसरे अस्पताल रेफर करने की बात कही, लेकिन डॉक्टरों ने जल्द ठीक होने का भरोसा देते हुए मरीज को वहीं रखा। आरोप है कि शनिवार देर रात मरीज की मौत हो गई, लेकिन इसकी जानकारी परिजनों को काफी देर बाद दी गई। सुबह होते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंच गये और डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
हंगामे की सूचना मिलते ही सीतारामडेरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर स्थिति को शांत कराया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पोरेस भगत आदित्यपुर की एक कंपनी में ठेका मजदूर के रूप में काम करते थे। परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं, बेटा धनबाद से माइनिंग इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। घर के कमाने वाले सदस्य की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

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